पर्यावरणीय शिक्षा (Environmental Education) बी.एड. प्रथम सेमेस्टर के पेपर कोड 105A की पाठ्यपुस्तक है। इस पुस्तक के लेखक डॉ. अतुल किशोर शाही हैं और इसका प्रकाशन Agrawal Publications द्वारा किया गया है। पुस्तक दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 17 नवंबर 2021 के पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार की गई है।
पर्यावरणीय शिक्षा विद्यार्थियों को पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों, प्रदूषण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे विषयों को समझने में सहायता करती है। इसमें पर्यावरणीय शिक्षा के उद्देश्य, पर्यावरण के विभिन्न घटक, मानव और पर्यावरण के बीच संबंध, पर्यावरणीय खतरे तथा पर्यावरण संरक्षण आंदोलनों का अध्ययन शामिल है।
पुस्तक की मुख्य जानकारी
- पुस्तक का नाम: पर्यावरणीय शिक्षा
- अंग्रेजी नाम: Environmental Education
- कोर्स: B.Ed. प्रथम वर्ष
- सेमेस्टर: प्रथम सेमेस्टर
- पेपर: पाँचवाँ पेपर
- पेपर कोड: 105A
- माध्यम: हिंदी
- लेखक: डॉ. अतुल किशोर शाही
- प्रकाशक: Agrawal Publications
- विश्वविद्यालय: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
- पाठ्यक्रम: 17 नवंबर 2021 के विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम के अनुसार
पाठ्यक्रम में शामिल प्रमुख विषय
यूनिट 1: परिचय (Introduction)
पर्यावरण की अवधारणा, महत्व एवं क्षेत्र, पर्यावरणीय शिक्षा के उद्देश्य, मार्गदर्शक सिद्धांत, मानव और पर्यावरण के बीच संबंध तथा पारिस्थितिक एवं मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण।
यूनिट 2: पर्यावरणीय घटकों की अवधारणा (Concept of Environmental Components)
पृथ्वी और जीवमंडल, जैविक एवं अजैविक घटक, प्राकृतिक संसाधन, मानव और पर्यावरण का संबंध, जनसंख्या का पर्यावरणीय संसाधनों पर प्रभाव तथा वैज्ञानिक और तकनीकी आविष्कारों का पर्यावरण पर प्रभाव।
यूनिट 3: पर्यावरणीय खतरे (Environmental Hazards)
वायु, जल, ध्वनि और रासायनिक प्रदूषण, वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं का विलुप्त होना, वनों की कटाई, मृदा अपरदन, ग्लोबल वार्मिंग, जैव विविधता संरक्षण तथा सतत विकास।
यूनिट 4: पर्यावरणीय शिक्षा एवं उसका पाठ्यक्रम (Environmental Education and its Curriculum)
पर्यावरणीय शिक्षा की विधियाँ और दृष्टिकोण, पाठ्यक्रम में पर्यावरणीय शिक्षा का समावेश, अंतर्विषयी दृष्टिकोण, चर्चा, सेमिनार, कार्यशाला, परियोजना, क्षेत्रीय सर्वेक्षण तथा विद्यालयों में पर्यावरणीय शिक्षा के कार्यक्रम।
यूनिट 5: पर्यावरण संरक्षण आंदोलन (Environmental Conservation Movement)
भारत और विदेशों के पर्यावरण आंदोलन, पर्यावरण संबंधी वैश्विक सम्मेलन, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण नीतियाँ, पर्यावरण को सामाजिक आंदोलन के रूप में समझना तथा मीडिया, प्रिंट, फिल्म और टेलीविजन की भूमिका।
B.Ed. विद्यार्थियों के लिए उपयोगी
यह पुस्तक B.Ed. प्रथम सेमेस्टर के उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है जो पर्यावरणीय शिक्षा के पेपर कोड 105A की तैयारी कर रहे हैं। इसमें पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, प्राकृतिक संसाधनों और सतत विकास से संबंधित पाठ्यक्रम के प्रमुख विषय शामिल हैं।



































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